नमस्कार दोस्तो, तो आज की इस Sad Story में हम एक कल्पना नाम की लडकी दर्द वाली कहानी आपको बताने वाले है। कभी-कभी हमारा अपनो के लिए अच्छा सोचना ही बुरा बन जाता है ओर हमे पता भी नहीं चलता है। उस कल्पना के साथ भी ऐसा ही हुआ है। तो आइए अब जानते है!
शादी करके हुआ धोखा | Girls Sad Story in Hindi
कल्पना एक छोटे परिवार से थी जिसने अपनी सारी पढ़ाई पूरी कर ली थी और अब वो घर पर ही छोटे बच्चों को ट्यूशन पढ़ाने लग गयी। कल्पना का रंग बहुत गोरा था और वह दिखने में भी बहुत सुन्दर थी।
कल्पना के माता-पिता अब उसकी शादी के लिए लड़के की तलाश करने लग गए थे। कल्पना के मामा ने एक लड़के के बारे में उन्हे बताया, वो बताता है कि लड़का का नाम है राहुल वह एक कंपनी में मैनेजर की जाॅब करता है और महीने के वो 50-60 हजार कमा लेता है। कल्पना के माता-पिता ने लड़के को देखा तो उन्हें वह लड़का पसंद भी आ गया। जब कल्पना को लड़के की तस्वीर दिखाई तो कल्पना ने कहा “जो आप को सही लगता है वो ही मेरे लिए अच्छा है"
अब लड़का और लड़की की शादी की तारीख तय कर दी। फिर कुछ समय बाद उन दोनो की शादी हो गयी। कल्पना की शादी हुए अब कुछ महीने बीत गए थे। अब उसका पति राहुल कल्पना से चिड़ा-चिड़ा सा रहता था। राहुल अब कल्पना को प्यार भी नही करता था। कल्पना को कुछ भी समझ नहीं आ रहा था वो अब क्या करें। वो बस रोकर अपना दर्द कम करती थी।
एक दिन कल्पना को पता चला गया कि राहुल किसी ओर लड़की से बाते करता है। जब कल्पना ने उस से पूछा “आप रोज छत पे जाकर किससे बात करते रहते है,” तो इसपे राहुल ने कहाँ “वो तो मेरे ऑफिस का फदोस्त है, उसी से बाते करता हु और तुम अपने काम से मतलब रखा करो तुम्हे ज्यादा बनने की जरूरत नहीं है।
होली के दिन राहुल अपने कुछ दोस्तो के साथ घर आया था। उन सभी ने घर पर पार्टी कि, उस दिन राहुल के एक दोस्त ने ज्यादा हो ड्रिंक कर ली और उसने नशे में कल्पना से कहा “भाभी आप इतनी प्यारी हो और मासूम भी पर फिर भी राहुल पता नही क्यो नेहा से बाते करता रहता है, मुझे लगता है कि आप भाई का खयाल ही नहीं रखते”। ये सुनकर तो कल्पना का शक हकीकत बन चुका था। जब कल्पना ने पूछा कि ये नेहा कौन है और आपकी क्या लगती है?
राहुल:- क्या मैं तुम्हे क्यों बताऊ।
कल्पना: मैं बीवी हु आपकी मे पूछ सकती हूँ।
राहुल:- देखो तुम्हारे आने से पहले वो मेरो लाइफ में आई है।
कल्पना:- तो तुमने मुझसे क्यो शादी की है।
राहुल:- बस तुम अच्छी थी लगी इसलिए।
कल्पना:- बस फिर! उस कामिनी नेहा को मे देख लूँगी।
नेहा को जब कल्पना को कामिनी कहा तो राहुल ने उसे बहुत मारा और कमरे में बंद कर दिया। कल्पना की सास को तो ये सब पता था फिर भी उसने अपने बेटे को कुछ नही कहाँ। शाम को राहुल ने आकर उस रूम का दरवाजा खोला। उस दिन कल्पना बहुत बिमार हो गयी थी। फिर भी उसने बिमार हालत में सारा खाना बनाया।
कुछ समय बाद राहुल तो कल्पना के साथ एक नौकरानी जैसा व्यवहार करने लगा। वह कल्पना को छोटी-छोटी बातों मारता था। कल्पना अब डिप्रेशन का शिकार होने लग गई थी। बस फिर तो एक दिन तो कल्पना ने रूम में फांसी लगाई ओर आत्महत्या कर ली।
दोस्तो जीवन में अक्सर अच्छा दिखने वाला हमेशा अच्छा नही होता है। उसके अंदर भी बुराई हो सकती है और वही बुराई किसी की ज़िंदगी को बर्बाद भी कर सकती हैं।

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